
आदि गुरू शंकराचार्य की जयंती मनाई गई, वैदिक ज्ञान एवं आध्यात्मिकता का दिया संदेश
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जनजागरूकता एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को मिल रहा प्रोत्साहन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित सीएमसीएलडीपी पाठ्यक्रम बीएसडब्ल्यू/एमएसडब्लू की कक्षाओं में महान संत व दार्शनिक आदि गुरू शंकराचार्य की जयंती मनाई गयी। कार्यक्रम का शुभांरभ आदि गुरू शंकराचार्य के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी संजय माचिवार ने बताया की आदि गुरू आचार्य शंकराचार्य ऐसे महानयोगी थे जिन्होंने भारत को ज्ञान, एकता और आध्यात्मिक गहराई का मार्ग दिखाया। इसलिए उन्हें वैदिक धर्म का रक्षक और अद्वैत वेदांत का प्रतिपादक कहा जाता है। उन्होंने बताया की आदि शंकराचार्य को जगद्गुरु के रूप में भी जाना जाता है, उन्होंने उस समय वैदिक ज्ञान प्रचार की शुरुआत की जब हिन्दू संस्कृति अपने पतन की ओर थी। आदि शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार भी माना जाता है। परामर्शदाता राजू वरूड़कर ने बताया की उन्होंने भारत के चारों कोनों (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) में चार पीठों की स्थापना की और सनातन धर्म को पुनः प्रतिष्ठित करने का महान कार्य किया।

इस अवसर पर सीएमसीएलडीपी के परामर्शदाता श्री श्याम दलवी, श्रीमति वर्षा खुरसंगे, श्रीमति किर्ति घागरे, श्री प्रविण साहु तथा सीएमसीएलडीपी में अध्ययनरत छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश का प्रसार हो रहा है।